समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका
Showing posts with label HinduDarshan. Show all posts
Showing posts with label HinduDarshan. Show all posts

Sunday, December 27, 2015

राजा को किसान की तरह होना चाहिये-मनुस्मृत्ति के आधार पर चिंत्तन लेख (A King Should As Farmer-A Hindi Article based on ManuSmriti)


           भारतीय अध्यात्मिक दृष्टि प्रजा हित के लिये राज्य प्रमुख को किसान से सबक लेना वैसे हर मनुष्य को अपने आश्रितों की रक्षा के लिये संघर्ष करना चाहिये।  उसी तरह राजसी पदों पर कार्य करने वालों को अपनी कार्यप्रणाली किसानों की तरह ही अपनाना चाहिये जो अपनी फसल के उत्पादन के लिये जमकर मेहनत करने के बाद भी उसकी रक्षा के लिये प्रयास करते हैं।  खेतों में खड़ी फसल कोई पशु न खाये इसके लिये वह उसे भगा देते हैं। फसल के शत्रु कीड़ोें का नाश करते हैं।  राजसी पदों पर कार्य करने वाले लोगों को भी अपने क्षेत्र की प्रजा की रक्षा के लिये ऐसे ही प्रयास करना चाहिये।
मनुस्मृति में कहा गया है कि
---------------
यथेद्धरति निदांता कक्ष धान्यं च रक्षति।
तथा रक्षेन्नृपोराष्ट्रं हन्याच्च परिपन्विनः।।
                           हिन्दी में भावार्थ-जिस प्रकार किसान अपने धन की रक्षा के लिये खरपतवार उखाड़ फैंकता है वैसे ही राजा को प्रजा के विरोधियों का समूल नाश करना चाहिये।
                           राजनीति में आजकल हिंसक प्रयासों से अधिक कूटनीति को भी महत्व दिया जाता है इसलिये राजसी पुरुषों को ऐसे प्रयास करना चाहिये जिससे अपराधी तथा प्रजाविरोधी तत्व सक्रिय न हों। जो राजसी पुरुष ऐसा नहीं कर पाते उनकी प्रजा भयंकर संकट में घिर जाती है। हम मध्य एशिया में जिस तरह के हालत देख रहे हैं उसका यही निष्कर्ष है कि वहां के राजसी पुरुषों ने ऐसा नहीं किया जिससे अब वहां तबाही का दौर चल रहा है।
---------------
दीपक राज कुकरेजा ‘‘भारतदीप’’
ग्वालियर मध्यप्रदेश
Deepak Raj Kukreja "Bharatdeep"
Gwalior Madhyapradesh
संकलक, लेखक और संपादक-दीपक राज कुकरेजा ‘भारतदीप’,ग्वालियर 
athor and editor-Deepak Raj Kukreja "Bharatdeep",Gwalior
http://zeedipak.blogspot.com

अध्यात्मिक पत्रिकायें

वर्डप्रेस की संबद्ध पत्रिकायें

लोकप्रिय पत्रिकायें